क्या सट्टा खेलना अपराध है?
वैसे देखा जाए तो एक खेलना अपराध क्यों है ? इस बारे में बात करनी चाहिए?
पहले सवाल ये है खुद आपसे?
क्या आपने शादी की?
यदि हाँ, तो अपने शादी में कितना खर्च किया?
यदि 10 से 30 Lakh या उससे भी कही अधिक, तो क्या सोच कर कर किया? यही कि, लोग हमारे बारे में अच्छा सोचेंगे, फिर समाज में हमारी इज्जत होगी, अगर यही सोच कर किया है तो सवाल ये है कि आपके पास इतना खर्च करने के लिए पैसे आये कहा से?
दहेज़ में मिलें या बाप ने खेत बेच दिया या फिर रिस्वत का पैसा? क्योकि जब आप बहार से सब्जी लेने जाते है तो आप उनसे बोलते है बोहोत ज्यादा पैसे मांग रहे हो ये बात वो बोल रहा है जो इतना पैसा वह बर्बाद करके बैठा है यहाँ उसको नहीं करना चाहिए था।
क्या सच में इतना जरुरी था, पैसा बर्बाद करना।
यदि आपकी आत्मा ने बोली नहीं, तो आप सबसे समझदार है।
और यदि आपकी आत्मा बोली हाँ, तो समझ जाओ ये जिंदगी में जुआ खेल रहा है, क्योकि इतना कर्जा करके बर्बादी करने के बाद अपनी नयी जिंदगी की शुरुवात करने जा रहा है जो या तो हराम के पैसे यानि की रिस्वत की कमाई के या फिर बाप दादाओ के मेहनत की कमाई को फालतू में बर्बाद करके या फिर दहेज़ का पैसा लेके बेटी के परिवार को कर्जे में डाल के अपनी जिंदगी में सुकून चाहने की कोसिस कर रहा है।
“अब यदि ये बात समझ आ गयी है तो तो समझ जाओ, "क्या सट्टा खेलना अपराध है?" इसका जवाब आपको मिल गया।”
क्या जुआ खेलना चाहिए?
बिलकुल नहीं खेलना चाहिए, क्योकि ये आपकी आदत ख़राब कर देता है, एक बार आपके अंदर लालच आ गया गया तो आप समझ जाओ इसकी लत्त आपको लग चुकी है आपको इससे कोई बाहर नहीं निकाल सकता।
यदि आप सोचते हो, मजदूरी करके हर दिन 100 रूपए का सट्टा खेलना और उसके बाद उन पैसे से 30 दिन में 10 बार भी जुआ जीता तो अच्छा खासा पैसा बनाएगा, मालामाल हो जायेंगे। तो ये सोच आपकी गलत है, कभी भूल कर भी आप सट्टा न खेलें, ये आपकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देगा, याद रखना, प्ले बाजार चाहता है कि आप ये खेल आज से बंद कर दें। प्ले बाजार कभी नहीं चाहता कि आप इन गांदी आदतो को जिंदगी में लाकर अपनी जिंदगी बर्बाद करें। आज से ही छोडो बंद कर दो, जिंदगी में ख़ुशी चाहिए तो आज से ही बंद करों गेम खेलना।